
मेरे भाई साहब की दो प्यारी सी बेटियाँ है एक सात साल की और दूसरी चार साल की पढने लिखने में बेहद तेज़ या यूँ कहिये उन दोनों के आने के बाद हमारे घर में खुशियों के साथ -साथ लक्ष्मी जी ने भी कदम रक्खा था मुझे याद है जब भइया की पहली बेटी सौम्य हुई थी हम जिसको-जिसको फोन किया था उसने हमे बधाइयाँ दी थी लेकिन जब चोटी बेटी अनुष्का हुई तो फोन करने पर सांत्वना मिली समझ नही आया की लोगो ने ऐसा क्यो किया लेकिन आज समझ आता है की लड़कियों के लिए हमारा देश कितना ही आधुनिक क्यो न हो जाए लेकिन लड़कियों के लिए यहाँ के लोगो की मानसिकता नही बदलेगी दूर दराज़ के गॉंव देहात की तो जाने दीजिये शहरो के आधुनिक कहे जाने वाले लोगो की सोच भी
अभी वही की वही है अखबारी आंकडे देखे तो लगभग रोजाना एक-दो नवजात बच्चियां यहाँ वहा पड़ी मिलती है कही पन्नी में लिपटी तो कही बिना कपड़ो के नाले के किनारे जहा उन्हें चीटियाँ नोच रही होती है सोचती हूँ जहा मै अपने दो माह के बेटे को इन सर्दियों में चौबीसों घंटे गरम कम्बलों के बीच ब्लोवर में रखती हूँ वही इस हांड कंपा देने वाली सर्दी में वो बच्चियां कितनी तकलीफ झेलती रही होंगी,क्यो लड़कियों का जीवन ही इतना संघर्ष से भरा होता है हर अवैध संतान लड़की तो नही होती सच कहे तो बच्चे कभी अवैध नही बच्चे तो बच्चे होते है लेकिन हमारा देश जहा था वही है बस तरीके बदल गए है अब दूध में डूबा कर या गला दबा कर मारने की जगह थोडी सवेदना दिखाते है अब जिंदा फेक देते है कुत्तो के नोचने घसोटने या चींटियों या अन्य कीडे-मकोडों का आहार बनने के लिए.
अभी वही की वही है अखबारी आंकडे देखे तो लगभग रोजाना एक-दो नवजात बच्चियां यहाँ वहा पड़ी मिलती है कही पन्नी में लिपटी तो कही बिना कपड़ो के नाले के किनारे जहा उन्हें चीटियाँ नोच रही होती है सोचती हूँ जहा मै अपने दो माह के बेटे को इन सर्दियों में चौबीसों घंटे गरम कम्बलों के बीच ब्लोवर में रखती हूँ वही इस हांड कंपा देने वाली सर्दी में वो बच्चियां कितनी तकलीफ झेलती रही होंगी,क्यो लड़कियों का जीवन ही इतना संघर्ष से भरा होता है हर अवैध संतान लड़की तो नही होती सच कहे तो बच्चे कभी अवैध नही बच्चे तो बच्चे होते है लेकिन हमारा देश जहा था वही है बस तरीके बदल गए है अब दूध में डूबा कर या गला दबा कर मारने की जगह थोडी सवेदना दिखाते है अब जिंदा फेक देते है कुत्तो के नोचने घसोटने या चींटियों या अन्य कीडे-मकोडों का आहार बनने के लिए.
cant even say "Good sentiments" .. m speechless
जवाब देंहटाएंwelcome
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